विद्यालय गान

     शिक्षा का यह पावन मंदिर, विद्या श्री स्कूल हमारा,

      हम इसकी पावन ज्योति हैं , क्षमता विकास है इसका नारा ।।

      रोहतक की इस धन्य धरा पर, विद्या का यह सुंदर वन है ,

      यही हमारी कर्मभूमि है , गुरु शिष्यों का स्नेह बंधन है ।। 

      पूर्व और पश्चिम की संस्कृति ,  ज्ञान-ध्यान का शुभ संगम है ,

      भ्रातृ भाव के स्नेह सूत्र में बंधे हमारे तन और मन हैं ।।

      इसकी उज्ज्वल यश गाथा से गुंजित होगा अब जग सारा ।।

                  शिक्षा का यह पावन ........................

आर्य भट्ट ने इस दुनिया को शून्य का उपहार दिया ।।

      जग ने भी उपग्रह बनाकर उनका अद्भुत मान किया,

      अग्निशस्त्र बनाकर हमें महफूज़ बनाने वाले कलाम,

      विद्याथियों की बनी प्रेरणा, इन्हें करें शत-शत प्रणाम ।।

       इनकी छत्रछाया में बनाए, विद्याश्री को सबसे न्यारा

      हम इसकी पावन ज्योति हैं , क्षमता विकास है इसका नारा ।।

      शिक्षा का यह पावन ........................

विवेकानंद ने हिन्दू धर्म को, दुनिया में विख्यात किया

दुनिया के जनमानस ने भी, योग वेद पर नाज किया

राष्ट्र गान को रचने वाले टैगोर बने हमारी शान

इनके साहित्य से अब सीखें , हम भी तो विद्वान बनें

शिक्षार्थ आएं-सेवार्थ जाएं, विद्याश्री का स्वपन ये न्यारा  ।।

      हम इसकी पावन ज्योति हैं , क्षमता विकास है इसका नारा ।।

      शिक्षा का यह पावन ........................

 

                       School Song

We are Leaders

Leaders of tomorrow

We are Vidyashreeans

We are Leaders

Leaders of tomorrow

We are Vidyashreeans

Be what you want to be

Be what you want to be….

 

We are unstoppable

We are full of energy

We are futures to be…

Be what you want to be

Be what you want to be..

We are Leaders

Leaders of tomorrow

We are Vidyashreeans

 

We are warriors

Never afraid of barriers

We are winners to be

Be what you want to be

Be what you want to be..

We are Leaders

Leaders of tomorrow

We are Vidyashreeans

We are Leaders

Leaders of tomorrow

We are Vidyashreeans

We are Leaders

Leaders of tomorrow

We are Vidyashreeans

We are Vidyashreeans

We are Vidyashreeans !!!!